Wednesday, 18 January 2017
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"शादी के 11 साल बाद हो गई पति की मौत, अब पटरियों पर दौड़ाती हैं ट्रेन
Dainikbhaskar.com 18 Jan.2017 3:45
लड़कियांकमजोरहोती हैं। वे भारी बड़ा काम नहीं कर सकती। इस तरह की संर्कीण सोच में अब बदलाव करने की जरूरत है। जिस जॉब को करने से पुरुष भी घबराते हैं, उस जॉब को छोटी लाइन निवासी राजरानी बाखूबी कर रही हैं। रेलवे में गार्ड के पद पर तैनात राजरानी खुद के साथ पूरी ट्रेन का ख्याल रखती है। प्रमोशन एग्जाम पास होने पर विभाग ने मालगाड़ी चलने की जिम्मेदारी भी सौंप दी है। छोटी लाइन निवासी राजरानी के दादा की इच्छा थी कि उनके सामने पोती की शादी हो जाए। परिजनों ने 17 साल की कम उम्र में उसकी शादी दिल्ली निवासी प्रेम कुमार के संग कर दी। इस शादी से तीन बच्चे है। उसकी शादी के एक साल बाद पिता की मौत हो गई।
इस गम से किसी तरह से निकली थी कि शादी के 11 साल बाद हुए सड़क हादसे में राजरानी के पति की मौत हो गई। इससे राजरानी पूरी तरह से टूट चुकी थी। इस दौरान उसकी उम्र मात्र 27 साल थी। हर वक्त आंखों में आंसू बहते रहते थे।
मामालेकर आए थे सुसराल से दूसरी शादी करवाने के लिए:
राजरानीकी हालत देखकर उसके मामा उसको दिल्ली से यमुनानगर में इसलिए लेकर गए कि उसकी दूसरी शादी करवाएंगे, ताकि वह नया जीवन शुरू कर सके। उसके तीनों बच्चों को उसके ससुरालियों ने अपने पास रख लिया। रिश्ते तलाशने शुरू किए। हर तरफ से टूट चुकी राजरानी के मन में जिंदगी में आगे बढ़ने की प्लानिंग चल रही थी।
पत्राचारसे स्नातक, रेगुलर एमबीए और बीएड: मायकेमें आकर राजरानी ने पत्राचार से स्नातक की डिग्री की। उसके बाद एमबीए बीएड किया। लोगों ने मनोबल तोड़ने के लिए तरह-तरह के कमेंट भी किए। मगर उसकी मां भगवती और मुंह बोले भाई कुलदीप ने उसका हौंसला कम नहीं होने दिया। आगे बढ़ने के लिए उत्साहित करते रहे।
अब चलाती है ट्रेन भी
राजरानीका कहना है कि कोई भी काम मुश्किल नहीं है। मन से किया गया काम से हमेशा सुकून मिलता है। उन्होंने प्रोमोशन एग्जाम पास कर लिया। अब वे अम्बाला रूट पर मालगाड़ी चलाती हैं। जून तक पैसेंजर गाड़ी चलाने की जिम्मेदारी उनको सौंपी जा सकती है। वे अम्बाला मंडल में गार्ड के पद पर पहली महिला कर्मचारी हैं।
काम वो चुना जिसको पुरुष भी करते हुए घबराते हैं
एजुकेशनकरते हुए राजरानी कंपीटिशन के लिए तैयारी कर रही थी। एसएससी की परीक्षा पास की। मगर सीआईएफ में इंस्पेक्टर इंटरव्यू पास नहीं हो पाया। 2012 में बैंक के लिए आईबीपीएस का एग्जाम क्लियर किया। यहां पर किस्मत ने साथ नहीं दिया और इंटरव्यू क्लियर नहीं हो पाया। इसके बाद कैनरा बैंक में जॉब मिल गई। मगर इसी दौरान राजरानी का नंबर रेलवे में भी गया। बैंक में नौकरी करते हुए रेलवे की परीक्षा में पास हो गई तो जानकारी के अभाव में रेलवे गार्ड का ऑप्शन क्लिक हो गया। रेलवे से ज्वाइनिंग लेटर आया तो सभी ने कहा कि गार्ड की नौकरी लड़कियों के लिए नहीं है। गार्ड के ऊपर पूरी गाड़ी की जिम्मेदारी होती है। लड़कियां इस नौकरी को नहीं कर सकती है। लोगों की ये बात सुनकर उसका हौंसला कम होने के बजाए बुलंद हो गया। उन्होंने गार्ड के पद पर ज्वाइन कर लिया।
यमुनानगर | वॉकीटॉकी से संदेश देतीं महिला रेल गार्ड राज रानी।
संघर्ष का नाम राजरानी" - शादी के 11 साल बाद हो गई पति की मौत, अब पटरियों पर दौड़ाती हैं ट्रेन http://tz.ucweb.com/1_1hvrc
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